लागत घटने से भारतीय स्टार्टअप्स का रुख़ ऑन-डिवाइस AI की ओर
देश के कई शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स अब ऐसे फीचर पेश कर रहे हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल को सीधे यूज़र के फोन या लैपटॉप पर चलाते हैं, न कि किसी दूर के सर्वर पर।
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह घटती हार्डवेयर लागत और यूज़र्स की निजता को लेकर बढ़ती चिंता है। कंपनियों का कहना है कि लोकल प्रोसेसिंग से ऐप तेज़ चलते हैं और डेटा भी सुरक्षित रहता है।
निवेशकों के अनुसार अगले दो वर्षों में यह तकनीक उपभोक्ता ऐप्स बनाने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।
